Computer Communication and Internet Hindi | CCC Exam Preparation

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Computer Communication and Internet CCC in Hindi
Computer Communication and Internet CCC in Hindi

Computer Communication and Internet Hindi | CCC Exam Preparation

Introduction to Computer Communication and Internet

Topics Covered In Post

Introduction to Computer Communication and Internet
Introduction to Computer Communication and Internet

Communication एक महत्वपूर्ण भूमिका हैं। मनुष्य के निजी जीवन में जब भी Communication करना हित है तो अपनी जानकारी दुसरो से बताते है।

जैसे Operating Software और Hardware को Communicate करने के लोए एक Medium की जरूरत होती है।

वैसे ही इंटरनेट से जुड़ने के लिए हमे एक मीडियम की जरूरत होती है, और Internet का प्रयोग Communication फील्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

वैसे ही Internet और Computer आज के युग मे इंटरनेट पर तेजी से डेटा और इनफार्मेशन भेजे जा रहे है।

इंटरनेट के माध्यम से आप अपने बिज़नेस को ऑनलाइन ला सकते है बिज़नेस पार्टनर के साथ Collaborate कर सकते है।

बिना Collaboration के Communication संभव नही है,  इंटरनेट पर लोगो से Communicate करने के लिए बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध है जिनमे एक Popular Service ई -मेल है।

ईमेल Communication के लिए लोकप्रिय साधन है, ईमेल की तुलना डाक व्यवस्था से की जाती है इंटरनेट के माध्यम से ईमेल के जरिये चैट किया जाता है निजी जानकारी लोगो तक पहुंचने के लिए किया जाता है।

Objectives of Computer Communication and Internet

Introduction to communication

Why internet is important

Use of email

Advantage and disadvantage of email

Basic concept of internet,  LAN, WAN, etc.

5.2 Basics Of Computer Networks

5.2.1 Local Area Network (LAN)

5.2.2 Wide Area Network (WAN)

5.3 Internet

5.3.1 Concept Of Internet

5.3.2 Basics Of Internet Architecture

5.4 Services On Internet

5.4.1 World Wide Web And Websites

5.4.2 Communication On Internet

5.4.3 Internet Services

5.5 Preparing Computer For Internet Access

5.5.1 Isps And Examples (Broadband/Dialup/Wifi)

5.5.2 Internet Access Techniques

5.6 Summary

5.7 Model Questions And Answers

Email Kya Hai
Email Kya Hai

ईमेल के बेसिक्स ( Basics Of E-Mail)

ईमेल क्या है ( What Is E-Mail )

E-Mail का पूरा नाम Electronic मेल है, ईमेल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति दुनिया भर में कही भी किसी के पास Email भेज सकता है, किसी से भी संदेशो का आदान प्रदान कर सकता है।

ईमेल संदेश के दो घातक होते है- ईमेल एड्रेस और मैसेज ईमेल करने के लिए वेबसाइट है जैसे – Gmail, Hotmail, Yahoo Mail पर Signup कर के नये ईमेल को यूजर द्वारा बनाया जा सकता है।

जिसका प्रयोग कर के ईमेल कर सकते है ईमेल को फारवर्ड कर सकते है ईमेल को डिलीट रिस्टोर किया जा सकता है। ईमेल का प्रयोग कर के साधारण टेक्स्ट, डॉक्यूमेंट, ग्राफ़िक्स, ऑडियो,वीडियो और चित्र आदि भेज सकते है।

Advantage and Disadvantage of Email
Advantage and Disadvantage of Email

ईमेल के लाभ ( Advantage Of Email )

  • ईमेल के कई लाभ हैं जैसे
  • भेजे गए ईमेल द्वारा संदेशों को सुरक्षित रखा जाता है जिसमें समय और तारीख भी सुरक्षित होते हैं
  • ईमेल एड्रेस इंटरनेट पर व्यक्ति की पहचान और वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करने में अत्यंत लाभप्रद है
  • ईमेल द्वारा भेजे गए संदेश बिना देर किए पहुंच जाते हैं
  • ईमेल को केवल वही पढ़, देख, डाऊनलोड कर सकता है जिसे भेजा गया है।
  • डाक सेवा के बदले ईमेल का प्रयोग करने से paper notes, paper documents की भी बचत होती है।
  • ईमेल को कागजी दस्तावेज की तुलना में ईमेल को संभाल कर रखना बेहद आसान होता है।
  • ईमेल का प्रयोग वर्तमान समय मे बिज़नेस प्रमोशन, विज्ञापन में किया जा रहा है।

ईमेल की हानियाँ ( Disadvantage Of Email )

जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते है वैसे ही सभी के कुछ न कुछ लाभ और हानि जरुर होते है तो कुछ Disadvantage Email के भी है :-

  • ईमेल के पासवर्ड लीक होने पर कोई भी अज्ञात व्यक्ति उसका गलत प्रयोग कर सकता है।
  • प्राप्त किये गए ईमेल में Malicious Virus हो सकता है जिससे आपके कंप्यूटर को हानी पहुंच सकता है।
  • कई यूजर अन्य ईमेल यूजरों को आवांछित ईमेल भेजते है जिन्हें स्पैम ( Spam ) कहा जाता है।
  • यूजर्स को अपने Mailbox को समय समय पर चेक करना पड़ता है जिससे यह पता चलता है Mailbox भर न गया हो।
  • यदि किसी यूजर के ईमेल का Credential पता चल जाये तो वह उसका गलत उपयोग कर सकता है।
Basics Of Computer Networks
Basics Of Computer Networks

Basics Of Computer Networks

Internet Communication का एक महत्वपूर्ण व दक्ष माध्यम है, जिससे काफी लोकप्रिय बनाने के लिए बहुत ज्यादा है। इंटरनेट के माध्यम से लाखों लोग सूचना, विचारों, वीडियो क्लिप्स इत्यादि को कंप्यूटर के जरिये पूरी दुनिया मे फ़ैलाया है।

वर्ल्ड वाइड वेब (Www) इंटरनेट का सबसे महत्वपूर्ण है, जिससे हम सभी विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते है।

वेब या वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट पर उपलब्ध डॉक्युमनेट या अन्य Resources का एक समहू है।वेब पेजेज या डॉक्युमनेट को हैपेरलिंक्स द्वारा Access किया जाता है। इंटरकनेक्टेड पेज को Webpage कहा जाता है और वेब पेज के समहू को वेबसाइट कहा जाता है।

एक वेबपेज को WWW (वर्ल्ड वाइड वेब) पर देखने के लिए वेब ब्राऊजर (Web Browser)  का प्रयोग किया जाता है। वेब ब्राउज़र एक Client Software है। जिसके द्वारा वेब ब्राऊजर पर पेज का एड्रेस जिसे web URL ( Uniform Resource Locator ) टाइप कर के या वेबसाइट को देख जा सकता है।

वेब पेज से संपर्क करने के लिए Http (Hyper Text Transfer Protocol) का होना जरूरी है, Http एक प्रकार का Protocol है जिससे इंटरनेट पर सेवा प्रदान करना वाला कंप्यूटर, वेब सर्वर (Web Server) तथा उसका उपयोग करने वाला वेब क्लाइंट (Web Client) कहलाता है। प्रत्येक वेब पेज Html, PHP, आदी में लिखा जाता है।

कंप्यूटर नेटवर्क किसे कहते है (What Is Computer Network )

नेटवर्क क्या है और नेटवर्क के कितने प्रकार होते है।

जब दो या उससे अधिक कंप्यूटर को किसी माध्यम की सहायता से संपर्क में रहते है, तो इस व्यवस्था को “कंप्यूटर नेटवर्क” कहते है। इससे महत्वपूर्ण डेटा तथा अन्य सूचनाओं ओ विभिन्न कंप्यूटर में उपलब्ध कराया जाता है।

कम शब्दों में कहा जाए तो कंप्यूटर नेटवर्क होता है सूचनाओं का आदान प्रदान करना जब दो कंप्यूटर या दो से अधिक कंप्यूटर आपस मे संपर्क बनाते है तब कंप्यूटर नेटवर्क कहलाते है।

(नेटवर्किंग के लाभ) Advantage Of Networking

  1. Resource Sharing
  2. Speed Transmission Of Data
  3. Reliability

#1 साधनों का साक्षा ( Resource Sharing )

कंप्यूटर से जुड़े साधन का उपयोग नेटवर्क के अन्य कम्प्यूटरों पर काम करते हुए कर सकते है। उद्धरण के लिए किसी कंप्यूटर के साथ कोई प्रिंटर जुड़ा है, तो नेटवर्क के सहायता से दूसरे कंप्यूटर से जोड़ कर उस प्रिंटर पर कुछ भी प्रिंट किया जा सकता है।

#2 स्पीड ट्रांसमिशन ( Speed Transmission Of Data )

कंप्यूटर अगर नेटवर्क से जुड़ा हो तोह कंप्यूटर द्वारा भेजे गए सूचना या डेटा को बिना किसी विलंभ के भेजा जा सकता है तथा डेटा Sharing सुरक्षित होता है। इससे कंप्यूटर पर होने वाले कार्य की गति तेज होती है और समय की बचत होती है।

#3 विश्वाशनियता ( Reliability)

कंप्यूटर में किसी प्रकार की फ़ाइल दो या उससे अधिक की प्रतियाँ बना कर कंप्यूटर में स्टोर की जाती है। यदि किसी कारणवश एक कंप्यूटर खराब हो जाता है तो वह डेटा दूसरे कंप्यूटर से प्राप्त हो सकता है। इसी प्रकार नेटवर्क एक बैकअप का कार्य करते है जिससे कंप्यूटर की विश्वाशनियता बढ़ती है।

Component Of Computer Networking

  1. Server
  2. Node
  3. Network Cable
  4. Network Operating System
  5. Network Card
  6. Repeater
  7. Hub
  8. Gateway
  9. Switch
  10. Protocol
Server Kya Hai
Server Kya Hai

#1 Server (सर्वर)

कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य होता है। नेटवर्क अन्य सर्वर से जुड़े होते है। सर्वर क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कंप्यूटेरो से बड़ा होता है और अधिकांश सभी डेटा को सर्वर पर ही रखा जाता है।

Nodes In Computer Network
Nodes In Computer Network

#2 Node (नोड)

सर्वर से जुड़े अन्य कंप्यूटेरो के नेटवर्क को नोड कहा जाता है। नोड वह कंप्यूटर होते है जिसपे उपयोगकर्ता काम करते है। प्रत्येक नोड का अलग अलग नाम होता है जैसे प्रत्येक कंप्यूटर का IP अलग – अलग होता है, और उनके अलग पहचान होते हैं। कई नोड बहुत Powerful होते है। ऐसे नोड्स को वर्कस्टेशन कहा जाता है।

Ethernet Cable Kya Hai
Ethernet Cable Kya Hai

#3 नेटवर्क केबल (Network Cable)

जिन केबलों द्वारा कंप्यूटर नेटवर्क आपस मे जुड़े होते है, उन्हें नेटवर्क केबल कहते है, नेटवर्क केबल द्वारा कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ा जाता है।

Network Operating System
Network Operating System

#4 (नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम) Network Operating System

यह एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो नेटवर्क में एक साथ जुड़े कम्प्यूटरों के बीच संबंध तय करता है और उनके बीच सूचनाओं का आदान प्रदान तथा आवागमन को निर्धारित करता है।

Network Card Kya Hai
Network Card Kya Hai

#5 नेटवर्क कार्ड (Network Card)

यह एक ऐसा सर्किट होता है जिससे इंटरनेट को कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता है, नेटवर्क कार्ड की सहायता से डेटा का ट्रांसफर संभव होता है, नेटवर्क कार्ड को कंप्यूटर के Motherboard में लगाया जाता है, नेटवर्क कार्ड को Ethernet Card भी कहा जाता है।

Repeater In Computer Network
Repeater In Computer Network

#6 रिपीटर (Repeater)

रिपीटर एक ऐसे Electronic Device होता है जिससे Low Level के सिग्नल को High Level में बदलता है। इस प्रकार इस तरह सिग्नल्स लंबी दूरी तक तय करता है। Repeaters को प्रयोग कंप्यूटर नेटवर्क को एक दूसरे से जोड़ने वाले केबल की लंबाई बढ़ाने के लिए किया जाता है।

Hub Kya Hota Hai
Hub Kya Hota Hai

#7 हब (Hub)

Hub का प्रयोग ऐसे स्थान पर किया जाता है जहाँ 10 कंप्यूटर हो और उन्हें एक नेटवर्क से जोड़ा जाता है। अर्थार्त एक ऐसा स्थान जहाँ नेटवर्क की सारी केबल मिलती है और उसे एक प्रकार के डिवाइस से जोड़ा जाता है। हब एक प्रकार का डिवाइस है जिससे कंप्यूटर को जोड़ा जाता है।

एक Hub में 4, 8, 16, अथवा 24 पोर्ट लगे होते है एक हब से 24 कंप्यूटेरो को जोड़ा जा सकता है ( दो या अधिक हबो को आपस मे जोड़ने को Channing कहा जाता है।

Gateway Kya Hota Hai
Gateway Kya Hota Hai

#8 Gateway (गेटवे)

Gateway द्वारा दो विभिन्न नेटवर्क प्रोटोकॉल को जोड़ने में किया जाता है। जिसे Protocol Convertor भी कहा जाता है।

Router and Switch Kya Hai
Router and Switch Kya Hai

#9 सविच (Switch)

स्विच एक हार्डवेयर डिवाइस है जो विभिन्न कंप्यूटेरो को एक Lan में जोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है, Switch को Hub के स्थान पर प्रयोग किया जाता है, हब तथा स्विच में एक महत्वपूर्ण अंतर है, हब स्वयं तक आने वाले डेटा को अपने प्रत्येक पोर्ट पर भेजता है, जबकि Switch स्वयं तक आने वाले डेटा को उसके स्थान तक भेजता है।

#10 राऊटर (Router)

Router एक हार्डवेयर है जिसके सहायता से नेटवर्क को बता जाता है इस प्रक्रिया को रूटिंग कहते है राऊटर एक जंक्शन के तरह काम करता है, बड़े नेटवर्क में एक से अधिक रुट होते है, जिसके कारण सूचनाएं अपने स्थान तक पहुंच सकती है। ऐसे में राऊटर तय करता है कि किसी सूचना को किस रास्ते से उसके स्थान तक पहुँचाना है।

Bridge In Computer Network
Bridge In Computer Network

#11 ब्रिज (Bridge)

ब्रिज छोटे नेटवर्क को आपस मे जोड़ने का काम करता है, ताकि ये आपस मे जुड़कर एक बड़े नेटवर्क की तरह काम कर सकें। ब्रिज एक बड़े नेटवर्क को चीते हिस्से में बाटने का कार्य करता है।

Modem Kya Hai
Modem Kya Hai

#12 मॉडेम (Modem)

Modem का पूरा नाम Modulator Demodulator है मॉडेम एनालॉग सिग्नल्स को डिजिटल सिग्नल्स में तथा डिजिटल सिग्नल्स को Analog Signal में नादलता है। मॉडेम को लगाने का प्रक्रिया Telephone Line तथा Computer के मध्य लगाया जाता है।

Digital Signal को Analog Signal में बदलने को Modulation कहा जाता है और Analog Signal को Digital Signal में बदलने को Demodulation कहते है।

कंप्यूटर नेटवर्क के प्रकार ( Types Of Computer Network )

Computer Network जे तीन मुख्य प्रकार है।

  1. Local Area Network (LAN)
  2. Metropolitan Area Network (MAN)
  3. Wide Area Network (WAN)
Local Area Network Kya Hai
Local Area Network Kya Hai

#1 लोकल एरिया नेटवर्क (Local Area Network )

ऐसा नेटवर्क जिनकी Connectivity Limit Area में हो ( एक सीमित छेत्र में ) Local Area Network लगभग एक Kilometer में स्थित होता है। जैसे एक पूरी बिल्डिंग या उनका एक समहू।

Local Area Network (लोकल एरिया नेटवर्क) में जोड़े गए डिवाइस की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इन डिवाइस को किसी केबल द्वारा जोड़ा जाता है। Local Area Network के द्वारा कई संगठन अपने Computer Terminology, Working Area, Efficient, और Cost Effective होता है। ताकि वे आपस मे सूचनाओं को लेंन देन कर सके तथा सबको सभी साधनों का लाभ मिल सके।

Metropolitan Area Network Kya Hai
Metropolitan Area Network Kya Hai

#2 मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क (Metropolitan Area Network)

जब बहुत सारे लोकल एरिया नेटवर्क एक पूरे सहर से जुड़े होते है अर्थार्त लोकल एरिया नेटवर्क किसी शाहर के अंदर एक दूसरे से जुड़े होते है तो इस प्रकार के नेटवर्क को Metropolitan Area Network कहते है।

मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क की वर्किंग स्पीड 100 से 1000 Mbps होती है।

ये काफी महगा होता है, जो फाइबर ऑप्टिक केबल से जुड़ा होता है।

इनका Connection ऑपरेटर और माइक्रोवेव लिंक द्वारा लिया जाता है।

Metropolitan Area Network की दूरी आम तौर पर 200 किलोमीटर की होती है।

Metropolitan Area Network के Nodes कोई भी हो सकते है अधिकतर Desktop Computer और Mini Computer होते है।

Wide Area Network Kya Hai
Wide Area Network Kya Hai

#3 वाइड एरिया नेटवर्क (Wide Area Network )

वाइड एरिया नेटवर्क से जुड़े हुए कंप्यूटर तथा उपकरण एक दूसरे से हजारों किलोमीटर दूरी पर भी स्थित हो सकते है।

Wide Area Network का Working Area बहुत बड़ा होता है

वाइड एरिया नेटवर्क बड़े आकार का होता है। इसमें डेटा का Transfer Rate Local Area Network की तुलना में कामहोत है।

अधिक दूरी होने के कारण प्रायः इनमे माइक्रोवेव कम्युनिकेशन सिस्टम या Satellites कम्युनिकेशन का प्रयोग संदेश आगे भेजने वाले स्टेशनों की तरह किया जाता है।

Wide Area Network की दूरी असीमित होती है।

Wide Area Network की इंटरनेट स्पीड 10 से 100 Mbps होती है।

Wide Area Network के नोड्स कोई भी हो सकते है, अधिकतर डेस्कटॉप कंप्यूटर ही होते है।

कंप्यूटर नेटवर्क मॉडल (Models Of Computer Networking)

कंप्यूटर नेटवर्क के दो मुख्य मॉडल होते है–

Server and Peer to Peer
Server and Peer to Peer

#1 पियर टू पियर नेटवर्क (Peer-to-Peer Network)

दो या दो से अधिक ऐसे कंप्यूटर का नेटवर्क जो आपस मे कम्युनिकेशन के लिए एक ऐसा प्रोग्राम का उपयोग करता हैं। इसे P2p नेटवर्क कहते हैं।

Server and Peer to Peer Network
Server and Peer to Peer Network

#2 क्लाइंट/सर्वर नेटवर्क (Client/Server Network)

ऐसा नेटवर्क, जिसमे एक कंप्यूटर सर्वर तथा बाकी कंप्यूटर क्लाइंट की तरह कार्य करता है। क्लाइंट/सर्वर नेटवर्क कहलाता है। क्लाइंट कंप्यूटर सर्वर से किसी सर्विस के लिए रिक्वेस्ट करता है तथा सर्वर रिक्वेस्ट के लिए Response देता है।

इंटरनेट (इंटरनेट)

इंटरनेट का पूरा नाम इंटरनेशनल नेटवर्क है, इंटरनेट 1950 में Vint Cerf द्वारा जारी किया गया इन्हें इंटरनेट का पिता कहा जाता है।

इंटरनेट “नेटवर्को का नेटवर्क” है जिसे ग्रुप ऑफ नेटवर्क भी कहा जाता है जिसमे लाखों निजी व सार्वजनिक लोकल से लेकर ग्लोबल स्कोप वाले नेटवर्क जुड़े होते है।

नेटवर्क का कार्य दो या दो से अधिक कंप्यूटर सिस्टम को जोड़ना होता है, इंटरनेट पर उपलब्ध डेटा, प्रोटोकॉल द्वारा निर्धारित किया जाता है।

TCP/IP द्वारा एक फ़ाइल को कई छोटे भागो में फ़ाइल सर्वर द्वारा भेजा जाता है।

Concept of Internet (History Of इंटरनेट)

वर्ष 1969 में Los Angeles के यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया तथा यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा ने Arpanet ( Advance Research Project Agency Network ) की सुरूवात की थी।

इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के कंप्यूटेरो को आपस मे जोड़ने का था। Arpanet दुनिया का सबसे पहले पैकेट स्विचिंग नेटवर्क था।

1980 में एक और एजेंसीज (National Science Foundation NSF) एक नया और Arpanet से उच्च क्षमता वाले नेटवर्क का आविष्कार किया जिसका नाम NSFnet था। NSFnet में सिर्फ एक ही कमी थी NSFnet Education Department द्वारा चलाया जा सकता था।

जिसे बाद में Arpanet और NSFnet को मिला कर इंटरनेट का आविष्कार किया गया, जिसे आज दुनियाभर में सभी इसका लाभ उठा रहे है।

Basic Internet Architecture
Basic Internet Architecture

Basics Of Internet Architecture

इंटरनेट इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क को एक ग्लोबल सिस्टम है जहाँ LAN, WAN, MAN आदि समिलित होते है। ये सभी यूजर को Serve करनेके लिए Standard Internet Suit TCP/IP का प्रयोग करते हैं। इंटरनेट Architecture में चार लेयर होते हैं

Application Services

Service Provider Protocol

Networking

Sub Network

Application Layer Kya Hai
Application Layer Kya Hai

#1 एप्पलीकेशन सर्विस लेयर

यह यूजर एप्पलीकेशन के लिए इंटरफ़ेस के लिये प्रयोग किया जाता है

Service Provider Kya Hai
Service Provider Kya Hai

#2 Service Provider Protocol

सर्विस प्रोवाइडर प्रोटोकॉल नेटवर्क के सभी एन्ड टू एन्ड Connection के लिए प्रयोग किये जाते है। यह TCP और Other प्रोटोकॉल को Run करते हैं। यह डेटा ट्रैफिक के प्रवाह को स्वयं संभालती है।

Network Access Layer Kya Hai
Network Access Layer Kya Hai

#3 इंटरनेट लेयर (Internet Layer)

Gadget  द्वारा इंटरनेट के बीच एक दूसरे के साथ जुड़ा होता है अर्थात दो उपकरणों के बीच इंटेरनेट प्रदान करता है।

प्रत्येक नेटवर्क Sub Network से जुड़ा होता है, Sub Network से जुड़ने के लिए Gadgets का प्रयोग करते है।

Subnetwork Layer Kya Hai
Subnetwork Layer Kya Hai

#4 Sub Network

Sub Network लेयर में LAN से जुड़ी सभी डिवाइस होतो है। जिसे Sub Network कहते ह।

Services On Internet

इंटेरनेट पर सर्विसेज को तीन मुख्य भाग में बता गया है।

5.4.1 World Wide Web And Websites

5.4.2 Communication On Internet

5.4.3 Internet Services

5.5 Preparing Computer For Internet Access

5.5.1 ISPs And Examples (Broadband/Dialup/Wi-Fi)

5.5.2 Internet Access Techniques

Internet क्या है | What is Internet in Hindi ?

IT gadgets and their applications

नेटवर्क टोपोलॉजी क्या है | Network Topology Ke Prakar

Summary

ईमेल के बेसिक्स ( Basics Of E-Mail)

ईमेल के लाभ ( Advantage Of Email )

ईमेल की हानियाँ ( Disadvantage Of Email )

Basics Of Computer Networks

कंप्यूटर नेटवर्क क्या होता है (What Is Computer Network )

(नेटवर्किंग के लाभ) Advantage Of Networking

साधनों का साक्षा ( Resource Sharing )

स्पीड ट्रांसमिशन ( Speed Transmission Of Data )

विश्वाशनियता ( Reliability)

Component Of Computer Networking

  1. Server (सर्वर)
  2. Node (नोड)
  3. नेटवर्क केबल (Network Cable)
  4. (नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम) Network Operating System
  5. नेटवर्क कार्ड (Network Card)
  6. रिपीटर (Repeater)
  7. हब (Hub)
  8. Gateway (गेटवे)
  9. सविच (Switch)
  10. राऊटर (Router)
  11. ब्रिज (Bridge)
  12. (मॉडेम) Modem

कंप्यूटर नेटवर्क के प्रकार (Computer Network different types )

कंप्यूटर नेटवर्क मॉडल (Models Of Computer Networking)

Concept Of Internet (History Of इंटरनेट)

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